सरिये का वजन निकालने का सूत्र और चार्ट: D²/162, किलो/मीटर और किलो/फुट
D²/162 से सरिये का वजन निकालना सीखें। किलो/मीटर और किलो/फुट का चार्ट देखें, 12 मीटर व 40 फुट का फर्क समझें और खरीद व बिल का हिसाब मिलाएँ।

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घर के लिए सरिया आ गया है। सामने छड़ों का बंडल है, डिलीवरी पर्ची पर वजन किलो में लिखा है और इंजीनियर की ड्रॉइंग में मोटाई मिलीमीटर में। बिल का हिसाब मिलाने के लिए पहले यह समझना होगा कि उस मोटाई और लंबाई के सरिये का वजन कितना होना चाहिए।
इसका आसान तरीका है सरिये का अनुमानित वजन प्रति मीटर = D² ÷ 162, जहाँ D सरिये का व्यास मिलीमीटर में है। व्यास यानी छड़ की मोटाई। इस प्रति मीटर वजन को कुल लंबाई से गुणा करें तो वजन किलो में मिल जाएगा। लंबाई फुट में हो तो पहले प्रति मीटर वजन को 0.3048 से गुणा करके प्रति फुट वजन निकालें।
मसलन, 12 मिमी के सरिये का वजन लगभग 0.889 किलो/मीटर या 0.271 किलो/फुट आता है। इसी व्यास की 12 मीटर लंबी छड़ लगभग 10.67 किलो की होगी। आगे इसी तरीके से पहले चार्ट पढ़ेंगे, फिर दो अलग व्यास की छड़ों का कुल वजन और खरीद का उदाहरण देखेंगे।
यह हिसाब वजन जाँचने के काम आता है। स्लैब, बीम या खंभे में कौन-सा सरिया और कितनी मात्रा में लगेगा, वह इंजीनियर की ड्रॉइंग और कटाई-मोड़ की सूची से लें। इस सूची को बार बेंडिंग शेड्यूल (BBS) कहा जाता है।
D²/162 का सूत्र कैसे काम करता है?
मोटी छड़ में हर मीटर लंबाई पर ज्यादा स्टील होता है। लेकिन व्यास दो गुना होने पर वजन केवल दो गुना नहीं होता। छड़ का गोल सिरा देखें तो उसका क्षेत्रफल व्यास के वर्ग के साथ बढ़ता है। इसलिए समान लंबाई की छड़ का व्यास दो गुना हो तो वजन लगभग चार गुना होगा। सूत्र में D² आने की यही वजह है।
गोल छड़ के लिए मूल संबंध यह है:
प्रति मीटर वजन = π ÷ 4 × (मीटर में व्यास)² × स्टील का घनत्व
स्टील का घनत्व 7850 किलो/घन मीटर मानें और व्यास मिलीमीटर में लिखें तो लगभग 0.006165 × D² किलो/मीटर मिलता है। D²/162 इसी संबंध का सुविधाजनक अनुमान है।
यहाँ इकाई का ध्यान रखना जरूरी है। D²/162 वाले सूत्र में 12 मिमी की छड़ के लिए D = 12 रखें, 0.012 नहीं। छड़ का नाममात्र व्यास लें, यानी वह व्यास जिसके नाम से छड़ बेची जाती है। उभरी धारियों के सबसे बाहरी सिरों के बीच नापी मोटाई को सूत्र में न डालें।
निर्माता की तालिका और इस अनुमान में थोड़ा फर्क मिल सकता है। SAIL की सरिया पुस्तिका में नाममात्र वजन और उसमें स्वीकार्य अंतर, यानी सहनशीलताएँ, दी गई हैं। नीचे का चार्ट सूत्र से निकला अनुमान है, किसी खेप के वजन का प्रमाणपत्र नहीं। डिलीवरी लेते समय सप्लायर की मौजूदा उत्पाद संबंधी शर्तें और तौल का सहमत तरीका भी देखें।
सरिये का वजन चार्ट: किलो/मीटर और किलो/फुट
हर बार सूत्र लगाने के बजाय आम व्यास का वजन इस चार्ट से देख सकते हैं। सभी मान D²/162 से निकाले गए हैं। प्रति मीटर और प्रति फुट वजन तीन दशमलव तक है; 12 मीटर की छड़ का वजन दो दशमलव तक दिया है। बड़ी सूची जोड़ते समय गणना में अधिक अंक रखें और कुल को अंत में गोल करें।
| नाममात्र व्यास | किलो/मीटर | किलो/फुट | 12 मीटर छड़, किलो |
|---|---|---|---|
| 6 मिमी | 0.222 | 0.068 | 2.67 |
| 8 मिमी | 0.395 | 0.120 | 4.74 |
| 10 मिमी | 0.617 | 0.188 | 7.41 |
| 12 मिमी | 0.889 | 0.271 | 10.67 |
| 16 मिमी | 1.580 | 0.482 | 18.96 |
| 20 मिमी | 2.469 | 0.753 | 29.63 |
| 25 मिमी | 3.858 | 1.176 | 46.30 |
| 32 मिमी | 6.321 | 1.927 | 75.85 |
| 40 मिमी | 9.877 | 3.010 | 118.52 |
चार्ट में 12 मीटर की लंबाई तुलना के लिए है। हर व्यास की छड़ इसी लंबाई में मिलेगी, ऐसा मानकर ऑर्डर न दें; उपलब्ध व्यास और लंबाई सप्लायर से पूछें। किसी दूसरे नामकरण में छड़ का नंबर दिया हो तो उसका असली नाममात्र व्यास या निर्माता का प्रति मीटर वजन लें। नंबर अपने आप मिलीमीटर में व्यास नहीं बताता।
चार्ट से अपने हिसाब की एक छोटी जाँच भी कर सकते हैं: 16 मिमी का प्रति मीटर वजन 8 मिमी से करीब चार गुना होना चाहिए। अगर किसी पर्ची में केवल दो गुना दिखे तो देखें कि व्यास का वर्ग लेना छूट तो नहीं गया।
12 मीटर और 40 फुट को एक जैसा क्यों न मानें?
मान लें आप दो सप्लायरों के भाव मिला रहे हैं। एक ने 12 मीटर लंबी छड़ लिखी है, दूसरे ने 40 फुट। बोलचाल में दोनों को चालीस फुट कह दिया जाए, तब भी गणना में उनकी लंबाई अलग रहेगी।
NIST के इकाई रूपांतरण के अनुसार एक अंतरराष्ट्रीय फुट ठीक 0.3048 मीटर है। इसलिए 12 मीटर ≈ 39.3701 फुट, जबकि 40 फुट = 12.192 मीटर। अब दोनों छड़ों का व्यास 12 मिमी रखकर वजन निकालें:
12 मिमी × 12 मीटर: 12² ÷ 162 × 12 = 10.6667 किलो
12 मिमी × 40 फुट: 12² ÷ 162 × 40 × 0.3048 = 10.8373 किलो
इस उदाहरण में फर्क लगभग 0.17 किलो प्रति छड़ है। एक छड़ पर यह मामूली लगेगा, लेकिन बड़े ऑर्डर में कुल अंतर बढ़ जाएगा। इसलिए वजन मिलाने से पहले पर्ची पर लिखी वास्तविक लंबाई जाँचें।
दो अलग व्यास की छड़ों का कुल वजन निकालें
एक छड़ का हिसाब समझ आ गया। अब मान लें इंजीनियर की स्वीकृत कटाई सूची में नीचे की दो पंक्तियाँ हैं। हम उसी सूची की लंबाई और संख्या ले रहे हैं। मोड़, जोड़ या कंक्रीट में सरिये को पकड़ देने वाली लंबाई, जिसे एंकरिंग कहते हैं, यहाँ खुद से तय करके नहीं जोड़ रहे।
| पंक्ति | व्यास | प्रति टुकड़ा लंबाई | संख्या | कुल लंबाई | वजन |
|---|---|---|---|---|---|
| A | 12 मिमी | 12 मीटर | 20 | 240 मीटर | 213.33 किलो |
| B | 16 मिमी | 8 मीटर | 10 | 80 मीटर | 126.42 किलो |
| कुल | — | — | 30 टुकड़े | — | 339.75 किलो |
हर पंक्ति में पहले प्रति मीटर वजन निकालें, फिर एक टुकड़े की लंबाई और टुकड़ों की संख्या से गुणा करें:
पंक्ति A: 12² ÷ 162 × 12 × 20 = 213.3333 किलो
पंक्ति B: 16² ÷ 162 × 8 × 10 = 126.4198 किलो
गणना के पूरे अंकों को जोड़ने पर कुल 339.7531 किलो, यानी दो दशमलव तक 339.75 किलो आता है। अलग-अलग व्यास की लंबाइयाँ एक साथ जोड़कर किसी एक व्यास का वजन न लगाएँ; दोनों का प्रति मीटर वजन अलग है।
अब पंक्ति B की 8 मीटर लंबाई पर ध्यान दें। अगर सप्लायर 16 मिमी की छड़ केवल 12 मीटर लंबाई में बेचता है, तो हर 8 मीटर का टुकड़ा काटने के बाद लंबाई बचेगी। वह दूसरी स्वीकृत पंक्ति में काम आ सकती है या बची रह सकती है। यह जानने के लिए कटाई की योजना चाहिए; केवल कुल वजन में एक प्रतिशत जोड़ने से बात साफ नहीं होगी।
Tata Steel की BBS संबंधी जानकारी भी बताती है कि इस सूची में संरचना की ड्रॉइंग के आधार पर सरिये की मात्रा, आकार और वजन दर्ज होते हैं। अपना अनुमान जाँचते समय उसी ड्रॉइंग के संशोधन वाली सूची माँगें और उसकी प्रति अनुमान के साथ रखें।
इसी दो-व्यास सूची से सरिया कैलकुलेटर खोलें
इस लिंक में 12 मिमी × 12 मीटर के 20 टुकड़े और 16 मिमी × 8 मीटर के 10 टुकड़े पहले से भरे हैं। कटाई के नुकसान की अतिरिक्त गुंजाइश शून्य है, इसलिए सूची से निकला वजन 339.75 किलो रहेगा। खरीद के लिए ऊपर की ओर गोल की गई मात्रा अलग देखें। ये दिए हुए मापों के उदाहरण हैं, सरिये का डिजाइन नहीं।
सूची के वजन से खरीद और बिल तक
सूची से वजन मिल गया, लेकिन ऑर्डर देने से पहले एक और कदम बाकी है। सूची का सैद्धांतिक वजन बताता है कि दिए हुए टुकड़ों में कितना स्टील है। खरीद की मात्रा कटाई की योजना, उपलब्ध लंबाइयों और बिक्री की इकाई पर निर्भर करती है। बिल में वास्तव में दिए गए माल और सहमत तौल के अनुसार रकम आती है।
केवल खरीद का गणित समझने के लिए मान लें कि ऊपर के 339.7531 किलो पर 3% अतिरिक्त गुंजाइश रखी जाती है और ऑर्डर 10 किलो के गुणकों में ऊपर की ओर गोल किया जाता है:
339.7531 × 1.03 = 349.9457 किलो → खरीद की मात्रा 350 किलो
अगर उदाहरण का भाव ₹65/किलो रखें तो सामग्री की रकम होगी:
350 × ₹65 = ₹22,750
₹65/किलो केवल हिसाब समझाने के लिए लिया गया भाव है, मौजूदा सत्यापित बाजार भाव नहीं। इसी तरह 3% हर काम के लिए तय नियम नहीं है और यह कटाई की योजना की जगह नहीं लेता। खरीद के समय अपना लिखित भाव और वास्तविक कटाई का हिसाब लें।
भाव मिलाते समय ढुलाई, माल उतारना, काटना, मोड़ना, बाँधने की मजदूरी, बाँधने का तार और कर भी स्पष्ट कर लें। जो खर्च भाव में शामिल नहीं है, उसे अलग जोड़ें। सूची में दी गई लंबाई में जोड़ और मोड़ पहले से शामिल हों तो उनके लिए दोबारा अतिरिक्त लंबाई न जोड़ें। केवल हिसाब में वजन ज्यादा दिखने पर ड्रॉइंग में जरूरी सरिया कम भी न करें।
अपने माप कैलकुलेटर में कैसे जाँचें?
सरिया कैलकुलेटर में अपने पास की जानकारी के अनुसार छड़ों की संख्या, लंबाई और व्यास भरें, या पूरी सूची से वजन निकालें। अगर ड्रॉइंग में छड़ों के बीच की दूरी दी है, तो उस व्यवस्था का मात्रा-हिसाब भी कर सकते हैं। दूरी भरने से यह तय नहीं होता कि वह व्यवस्था संरचना के लिए सुरक्षित है।
हर लंबाई के खाने की इकाई देखें। फुट वाले खाने में 12 मीटर की छड़ के लिए करीब 39.3701 फुट भरेंगे। अतिरिक्त खरीद और गोलाई की मान्यताएँ भी साफ रखें, ताकि कोई दूसरा व्यक्ति वही कुल दोबारा निकाल सके।
अगर आपके पास अभी केवल छत का 1000 वर्ग फुट क्षेत्रफल है, तो उससे सरिये की कटाई सूची नहीं बनती। 1000 वर्ग फुट की छत में सरिये के हिसाब वाला लेख बताता है कि वजन निकालने से पहले कौन-सी जानकारी जुटानी होगी।
डिलीवरी के समय काम आने वाले सवाल
12 मिमी की एक छड़ का वजन कितना है?
D²/162 से करीब 0.889 किलो प्रति मीटर, यानी 12 मीटर लंबी छड़ का 10.67 किलो। इसलिए एक छड़ का वजन पूछते समय उसका व्यास और लंबाई दोनों बताएँ।
किलो से वापस लंबाई निकाल सकते हैं?
हाँ। कुल वजन को उसी व्यास के प्रति मीटर वजन से भाग दें। मसलन, 12 मिमी के सरिये का सैद्धांतिक वजन 100 किलो हो तो:
100 ÷ (12²/162) = 112.5 मीटर
यह कुल लंबाई है। इससे कितने उपयोगी टुकड़े कटेंगे, वह उनके जरूरी माप और उपलब्ध छड़ों की लंबाई पर निर्भर करेगा।
तौल सूत्र से अलग क्यों आती है?
पहले व्यास, छड़ों की संख्या, असली लंबाई, मीटर-फुट का रूपांतरण और दशमलव की गोलाई जाँचें। फिर निर्माता का बताया नाममात्र वजन, स्वीकार्य अंतर और सप्लायर से तय तौल का तरीका मिलाएँ।
डिलीवरी लेने से पहले इन मापों की छोटी पर्ची तैयार कर लें और स्वीकृत कटाई सूची साथ रखें। तब सप्लायर से कुल वजन की बात करते समय आप हर संख्या का आधार भी दिखा सकेंगे।