टाइल लगवाने का प्रति वर्ग फुट खर्च: दुकान के भाव से तैयार फर्श तक
टाइल खरीदने और लगवाने का पूरा खर्च समझें। 120 वर्ग फुट के कमरे में टाइल, एडहेसिव, ग्राउट, तैयारी और मजदूरी सहित ₹19,040 का उदाहरण देखें।

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शोरूम में मनपसंद टाइल मिल गई। नमूने पर ₹60 प्रति वर्ग फुट लिखा है। कमरा 120 वर्ग फुट का है, तो मन में हिसाब बन जाता है: टाइलों पर ₹7,200 लगेंगे।
लेकिन यह कमरे के क्षेत्रफल पर दुकान का भाव लगाने से निकली रकम है। खरीदते समय पूरे डिब्बे लेने होते हैं। फिर टाइल चिपकाने की सामग्री, जोड़ों की भराई, फर्श की तैयारी और लगाने की मजदूरी भी जुड़ती है। इन्हें साथ रखने पर तैयार फर्श का खर्च साफ होता है।
इस उदाहरण में ₹60 प्रति वर्ग फुट वाली टाइल से 120 वर्ग फुट फर्श तैयार करने का खर्च ₹19,040 आता है, यानी ₹158.67 प्रति वर्ग फुट। इसमें टाइलों के पूरे डिब्बे, एडहेसिव, ग्राउट, मामूली तैयारी, मजदूरी, छोटा सामान और ढुलाई शामिल हैं। नीचे की सभी दरें भारतीय रुपये (INR) में हिसाब समझाने के लिए मानी गई हैं। ये बाजार सर्वे या आज के किसी स्थानीय विक्रेता के भाव नहीं हैं।
आइए, इसी कमरे का हिसाब माप से शुरू करके खरीद और लगवाई तक ले चलें। अपने काम का अनुमान बनाने के लिए भी यही क्रम रहेगा।
प्रति वर्ग फुट के भाव में कौन-सा काम शामिल है?
टाइल खरीदने का भाव, उसे लगाने की मजदूरी और पूरा फर्श तैयार करने की लागत तीन अलग बातें हैं। दुकान का भाव खरीदी जाने वाली टाइल का है। कारीगर की दर उस काम के लिए है जो उसने मजदूरी में शामिल किया है। पूरे खर्च को तैयार फर्श के क्षेत्रफल से भाग देने पर अंतिम प्रति वर्ग फुट लागत मिलती है।
इसलिए केवल ₹35 प्रति वर्ग फुट मजदूरी सुनकर तुलना पूरी नहीं होती। पूछें कि क्या इसमें तैयार आधार पर टाइल बिछाना, सामान्य कटाई और ग्राउट भरना शामिल है। एक कारीगर ये काम उसी दर में कर सकता है, दूसरा इनके पैसे अलग ले सकता है। सामग्री और लगवाई दोनों वाला प्रस्ताव देखें, तो उसे केवल दुकान की टाइल के भाव से सीधे न मिलाएँ।
पहले तय करें कि टाइल कहाँ-कहाँ लगेगी
हमारा कमरा 12 फुट लंबा और 10 फुट चौड़ा है:
12 × 10 = 120 वर्ग फुट
यह लगभग 11.1484 वर्ग मीटर है। आगे एडहेसिव और ग्राउट की खपत इसी इकाई में निकालेंगे। उदाहरण में पूरे आयताकार फर्श पर टाइल लगेगी; अलग दहलीज, खंभा या बिना टाइल वाला हिस्सा नहीं है।
अपने कमरे का छोटा-सा नक्शा बनाकर टाइल लगने वाली जगह चिह्नित करें। खासकर दरवाजे के पास की जगह और स्थायी अलमारी के नीचे टाइल लगेगी या नहीं, पहले तय कर लें। फिर टाइल का आकार और बिछाने का पैटर्न देखें। कटे हुए टुकड़े कहाँ काम आ सकते हैं, यह भी खरीद पर असर डालता है। एक कमरे में टाइल की मात्रा निकालने वाला लेख इस हिस्से को विस्तार से समझाता है।
120 वर्ग फुट के कमरे के लिए 9 डिब्बे क्यों चाहिए?
मान लें कि चुनी हुई टाइल 2 × 2 फुट, यानी 4 वर्ग फुट की है। एक डिब्बे में चार टाइलें आती हैं, इसलिए उससे 16 वर्ग फुट ढक सकते हैं। इस उदाहरण में कटाई और टूट-फूट के लिए मापे हुए क्षेत्रफल से 10% अतिरिक्त टाइल लेते हैं:
120 × 1.10 = 132 वर्ग फुट
132 ÷ 4 = 33 टाइलें
अब इन्हें चार टाइलों वाले पूरे डिब्बों में खरीदना है:
33 ÷ 4 = 8.25 डिब्बे → 9 पूरे डिब्बे
नौ डिब्बों में 36 टाइलें, यानी 144 वर्ग फुट टाइल आएगी। ₹60 प्रति वर्ग फुट के माने हुए भाव पर एक डिब्बा 16 × ₹60 = ₹960 का होगा। कुल खरीद 9 × ₹960 = ₹8,640 की हुई।
यहाँ खरीद फर्श के क्षेत्रफल से 20% ज्यादा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि 20% टाइल बर्बाद होगी। पहले हमने 10% अतिरिक्त गुंजाइश रखी, फिर पूरे डिब्बे लेने के कारण तीन टाइलें और जुड़ गईं। कुछ टाइलें बिना कटे बच सकती हैं। उन्हें भविष्य की मरम्मत के लिए रखें, तो साथ में उत्पाद, बैच और कमरे का नाम लिख दें।
अपने कमरे में यही 10% मान लेना जरूरी नहीं है। पैटर्न, कटाई और बचे टुकड़ों के इस्तेमाल के हिसाब से कारीगर के साथ अतिरिक्त मात्रा तय करें।
अब टाइल चिपकाने की सामग्री का हिसाब
टाइल की खरीद तय होने के बाद एडहेसिव, यानी उसे चिपकाने वाली सामग्री की मात्रा निकालें। इसकी खपत चुने हुए उत्पाद, टाइल, नीचे की सतह, एडहेसिव फैलाने वाले दाँतेदार औजार और लगाने के तरीके पर निर्भर करती है। सूखे अंदरूनी फर्श, बाहर की सतह और शॉवर के लिए एक ही उत्पाद उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं।
इस हिसाब में खपत 4 किलो प्रति वर्ग मीटर मानते हैं और काम के दौरान लग सकने वाली अतिरिक्त सामग्री के लिए 5% गुंजाइश रखते हैं। ये केवल उदाहरण की मान्यताएँ हैं:
11.1484 × 4 × 1.05 = 46.82 किलो
यदि एडहेसिव 20 किलो की बोरी में मिलता है, तो 3 बोरियाँ, यानी 60 किलो खरीदना होगा। ₹700 प्रति बोरी के भाव पर रकम ₹2,100 हुई।
अपने चुने हुए उत्पाद की तकनीकी जानकारी देखें और कारीगर से उसकी उपयुक्तता तथा खपत की पुष्टि करें। अगर नीचे की सतह को काफी समतल या दुरुस्त करना है, तो उस काम का खर्च अलग लें। केवल ज्यादा एडहेसिव लगाकर हर तरह की मरम्मत पूरी मान लेना ठीक नहीं है।
पूरी बोरियाँ खरीदने से सामग्री बच सकती है। विक्रेता से पूछ लें कि उसे कैसे रखना है, कितने समय तक इस्तेमाल कर सकते हैं और बंद बोरी लौटाने की क्या शर्त है। बची सामग्री खपाने के लिए उसे उत्पाद के निर्देशों से अलग तरीके से न लगाएँ।
ग्राउट की मात्रा जोड़ के माप से बदलती है
टाइलों के बीच की खाली जगह भरने वाली सामग्री को ग्राउट कहते हैं। एक ही क्षेत्रफल के दो फर्शों में इसकी जरूरत अलग हो सकती है। छोटी टाइलों के बीच जोड़ ज्यादा होते हैं; जोड़ की चौड़ाई और गहराई बढ़ने पर भी खपत बदलती है। Weber की ग्राउट संबंधी तकनीकी जानकारी टाइल और जोड़ के माप का यह संबंध दिखाती है। यह सामान्य तकनीकी संदर्भ है, भारत के भाव या इस कमरे के लिए किसी खास उत्पाद की सिफारिश नहीं।
उदाहरण में चुने हुए ग्राउट और जोड़ के लिए खपत 0.3 किलो प्रति वर्ग मीटर मानते हैं। इसमें भी 5% अतिरिक्त गुंजाइश जोड़ें:
11.1484 × 0.3 × 1.05 = 3.51 किलो
₹250 के 1 किलो वाले पैक में चार पैक खरीदेंगे, जिनकी कुल कीमत ₹1,000 होगी। अपने काम में टाइल की मोटाई, जोड़ के माप और उत्पाद के अनुसार खपत बदलें। दूसरे तरह के ग्राउट का पैक और लगाने का तरीका भी अलग हो सकता है।
जहाँ सतह में हलचल की गुंजाइश रखने वाले जोड़ हों, या फर्श और दीवार जैसी दो सतहें मिलती हों, वहाँ जोड़ भरने का तरीका कारीगर के साथ अलग से तय करें। साधारण ग्राउट हर तरह के जोड़ के लिए उपयुक्त नहीं होता।
सभी खर्च एक जगह जोड़कर देखें
अब सामग्री की मात्रा और खरीद की रकम मालूम है। इसमें मजदूरी और बाकी काम जोड़ने हैं। नीचे की मजदूरी में इस सरल कमरे की सामान्य बिछाई, कटाई और ग्राउट भरने का काम शामिल है। फर्श की तैयारी के लिए रखी रकम केवल छोटे सुधारों की है; हम मान रहे हैं कि आधार बाकी तरह से टाइल लगाने के योग्य है।
| मद | उदाहरण का हिसाब | रकम |
|---|---|---|
| टाइलें | 9 डिब्बे × ₹960 | ₹8,640 |
| एडहेसिव | 3 बोरियाँ × ₹700 | ₹2,100 |
| ग्राउट | 4 पैक × ₹250 | ₹1,000 |
| बिछाने की मजदूरी | 120 वर्ग फुट × ₹35 | ₹4,200 |
| मामूली आधार तैयारी | 120 वर्ग फुट × ₹15 | ₹1,800 |
| छोटा सामान | एकमुश्त रकम | ₹500 |
| ढुलाई और सामान सँभालना | एकमुश्त रकम | ₹800 |
| कुल खर्च | — | ₹19,040 |
प्रति वर्ग फुट लागत निकालते समय इस रकम को 120 वर्ग फुट तैयार फर्श से भाग दें, खरीदी गई 144 वर्ग फुट टाइल से नहीं:
₹19,040 ÷ 120 = ₹158.67 प्रति वर्ग फुट
केवल टाइल खरीद की रकम को भी तैयार फर्श पर बाँटें, तो ₹8,640 ÷ 120 = ₹72 प्रति वर्ग फुट पड़ता है। दुकान का ₹60 वाला भाव अपनी जगह सही है। फर्क इसलिए आया कि कटाई की गुंजाइश और पूरे डिब्बों के कारण खरीद की मात्रा बढ़ी है।
इस जोड़ में कर, वॉटरप्रूफिंग, स्कर्टिंग, दहलीज, फर्श को बड़े स्तर पर समतल करना, पुराना फर्श हटाना, मलबा हटाना, सीढ़ियाँ और खास पैटर्न का काम शामिल नहीं है। इनमें से जो आपके काम में चाहिए, उसका खर्च अलग जोड़ें। अनिश्चित खर्च के लिए कुछ रकम रखना चाहें, तो उसे भी इस तय काम के बाद अलग दिखाएँ।
इसी कमरे की टाइल और डिब्बों का हिसाब कैलकुलेटर में देखें
इस लिंक में 120 वर्ग फुट फर्श, 2 × 2 फुट टाइल, प्रति डिब्बा चार टाइलें और 10% अतिरिक्त गुंजाइश पहले से भरी हैं। इनसे 33 टाइलों की जरूरत और नौ डिब्बों की खरीद निकलती है। कीमत देखने के लिए लेख वाले ₹960 प्रति डिब्बा और ₹35 प्रति वर्ग फुट मजदूरी भरें, या अपने भाव डालें। एडहेसिव, ग्राउट, तैयारी और ढुलाई का खर्च इस टाइल और मजदूरी की गणना से अलग रखना होगा।
ऑर्डर से पहले कमरे की हालत और किनारे देखें
खाली कमरे में तैयार आधार पर टाइल लगाना और बसे हुए घर में पुराना फर्श हटाकर काम करना अलग परिस्थितियाँ हैं। सामान पहुँचाने की जगह, धूल सँभालने और फर्नीचर हटाने का काम पहले देख लें। दो कारीगरों के भाव मिला रहे हों, तो दोनों को कमरे की वही मौजूदा हालत दिखाएँ।
यह भी जाँचें कि नया फर्श बनने के बाद दरवाजे के नीचे पर्याप्त जगह रहेगी या नहीं और उसका स्तर पास वाले कमरे से कैसे मिलेगा। बाथरूम में ढलान, नाली और वॉटरप्रूफिंग को टाइल के काम के साथ तय करें। बाथरूम में टाइल की ऊँचाई वाला लेख बताता है कि दिखाई देने वाली टाइल और पानी से सुरक्षा की व्यवस्था को अलग-अलग समझना क्यों जरूरी है।
किनारों का काम भी अपनी मात्रा के साथ लिखें। स्कर्टिंग, यानी दीवार के नीचे लगने वाली टाइल की पट्टी, दहलीज, सीढ़ियाँ, दीवार में बनी सामान रखने की जगह की शेल्फ और पॉलिश किए खुले किनारे अलग मेहनत माँग सकते हैं। फर्श छोटा होने पर भी ये काम खर्च बढ़ा सकते हैं। पूछें कि भाव में क्या शामिल है और उसका माप कैसे लिया जाएगा।
खरीद की पर्ची को अंतिम बिल तक काम आने दें
टाइल का नाम भर लिख लेना काफी नहीं है। खरीद से पहले उसका सही आकार, फिनिश, शेड, प्रति डिब्बा संख्या और बैच की उपलब्धता जाँचें। टूटे हुए माल और ढुलाई की शर्तें भी लिखवा लें। डिब्बे के लेबल की फोटो बिल के साथ रखें, ताकि बाद में उसी टाइल की पहचान हो सके।
अपने माप टाइल और डिब्बों के कैलकुलेटर में जाँचें और बाकी खर्चों की पर्ची उसके साथ रखें। उस पर सामग्री की मात्रा, चुने हुए भाव, फर्श की तैयारी और मजदूरी में शामिल काम साफ लिखे हों। तब शोरूम में देखा हुआ ₹60 का भाव सिर्फ याद नहीं रहेगा; आपके पास यह समझाने वाला पूरा हिसाब होगा कि नौ डिब्बे क्यों खरीदे गए और तैयार फर्श का खर्च कितना बना।