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दीवार के प्लास्टर में कितना सीमेंट और रेत लगेगा?

एक कमरे के उदाहरण से समझें कि दीवार का माप और प्लास्टर की मोटाई लेकर सीमेंट की बोरियाँ, रेत और मजदूरी का खर्च कैसे निकालें।

चिनाई की दीवार पर प्लास्टर समतल करता कारीगर और पास खड़ा सतह देखता घर का मालिक।
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ईंटों के जोड़ और पाइप के खाँचे ढकते ही कमरे का रूप बदलने लगता है। प्लास्टर के बाद वही अधूरी दीवारें घर का हिस्सा लगने लगती हैं। इस काम के लिए सामान मँगाते समय सवाल आता है: कितनी बोरी सीमेंट और कितनी रेत चाहिए? जवाब दीवार के क्षेत्रफल के साथ उसकी हालत और प्लास्टर की मोटाई पर भी निर्भर करता है। टेढ़ी या ऊबड़-खाबड़ दीवार को समतल करने में उसी क्षेत्रफल की सीधी दीवार से ज्यादा सामग्री लग सकती है।

हिसाब का आधार है: प्लास्टर का आयतन = दरवाजे-खिड़की जैसी खुली जगहें घटाने के बाद बचा क्षेत्रफल × तय मोटाई। बस, क्षेत्रफल और मोटाई की इकाइयाँ आपस में मेल खानी चाहिए। नीचे के उदाहरण में 407 वर्ग फुट दीवार पर 12 मिमी मोटा प्लास्टर लगाने के लिए लगभग 0.454 घन मीटर गीला मसाला चाहिए। बताए गए 1:4 सीमेंट-रेत मिश्रण और 5% अतिरिक्त मात्रा के हिसाब से सीमेंट 3.65 बोरी निकलता है। यानी खरीद के लिए 50 किलो की 4 पूरी बोरियाँ और लगभग 0.507 घन मीटर रेत।

ये संख्याएँ हिसाब समझाने के लिए हैं। अपने काम में कौन-सा प्लास्टर लगेगा, उसकी मोटाई और मिश्रण क्या होगा, सतह कैसे तैयार होगी और तराई कैसे होगी—यह पहले स्वीकृत काम के विवरण से तय करें। फिर उसी आधार पर मात्रा निकालें।

प्लास्टर, पुट्टी और पेंट का काम समझें

प्लास्टर दीवार पर तय मोटाई की समतल परत बनाता है। पुट्टी उससे अलग, बारीक सतह तैयार करने वाला उत्पाद है। प्राइमर और पेंट लगाने के लिए भी सतह की अपनी शर्तें होती हैं। इसलिए ढीली चिनाई, गहरे गड्ढे या नमी को ज्यादा पुट्टी लगाकर ठीक हुआ नहीं मान सकते।

काम शुरू होने से पहले दीवार के जोड़, पाइप के खाँचे और वे जगहें जँचवा लें जहाँ दो अलग तरह की सामग्री मिलती हैं। वहाँ जो मरम्मत या तैयारी जरूरी हो, वह नई परत के नीचे छिपने से पहले पूरी होनी चाहिए। आगे पुट्टी, प्राइमर और पेंट कैसे लगेंगे, यह उनके सही क्रम वाले लेख में समझाया गया है। उनकी मात्रा और खर्च प्लास्टर से अलग रखें।

बोरियाँ गिनने से पहले तय करें कि कौन-सा प्लास्टर लगेगा

हर तरह के प्लास्टर की बोरियाँ एक ही सूत्र से नहीं निकलतीं। पहले सामग्री चुनना जरूरी है, क्योंकि उसी से खपत और लगाने की विधि तय होगी।

सीमेंट और रेत का प्लास्टर

इसमें सीमेंट, उपयुक्त रेत और पानी तय अनुपात और विधि से मिलाए जाते हैं। मात्रा निकालने के लिए मोटाई और मिश्रण का अनुपात चाहिए। साथ ही, दीवार पर लगी परत के आयतन से सूखी सामग्री की मात्रा निकालने का आधार भी तय होना चाहिए। सतह की तैयारी, तराई और काम के दौरान सुरक्षा को भी इसी काम का हिस्सा मानें।

आगे हम 1:4 का उदाहरण लेंगे। इसे हर अंदरूनी दीवार, बाहरी सतह या गीली जगह के लिए सुझाया गया अनुपात न समझें। दीवार किस चीज की बनी है, उस पर धूप-पानी कितना पड़ता है और कैसी फिनिश चाहिए—इन बातों से प्लास्टर का चुनाव बदल सकता है। अपने काम के लिए तय विवरण लें।

जिप्सम प्लास्टर

जिप्सम की खपत और लगाने की शर्तें अलग हैं। Gyproc की प्लास्टर जानकारी के अनुसार उसके अंदरूनी जिप्सम प्लास्टर को पानी की तराई की जरूरत नहीं होती। फिर भी इसका मतलब यह नहीं कि उसे हर नमी वाली जगह पर लगाया जा सकता है या लगते ही पेंट शुरू किया जा सकता है। चुने हुए उत्पाद की खपत, अनुमत मोटाई और सूखने की शर्तें देखें।

जिप्सम की बोरियाँ उत्पाद की बताई खपत से निकालें, सीमेंट-रेत के अनुपात से नहीं। साधारण अंदरूनी जिप्सम को गीली या बाहर खुली जगह के लिए अपने आप उपयुक्त न मानें।

कारखाने में तैयार सीमेंट-आधारित प्लास्टर

तैयार मिश्रण की बोरी लेने पर भी उत्पाद की जानकारी पढ़नी होगी। वह किस सतह पर लगेगा, कितना पानी मिलाना है, कितनी मोटाई रख सकते हैं और तराई कैसे करनी है—ये बातें जाँचें। सतह पर पकड़ बनाने के लिए अलग सामग्री या कोई और तैयारी चाहिए तो उसे भी सूची में जोड़ें। इसकी बोरियाँ भी उत्पाद की बताई खपत से निकालें।

कमरे के फर्श से नहीं, दीवारों के माप से शुरू करें

अब सीमेंट-रेत वाले उदाहरण का माप लेते हैं। मान लें कि कमरा अंदर से 12 × 10 फुट है और दीवारें 10 फुट ऊँची हैं। हमें सिर्फ चार दीवारों की अंदर वाली सतह पर प्लास्टर करना है। पहले कमरे की चारों तरफ की लंबाई को ऊँचाई से गुणा करें:

2 × (12 + 10) × 10 = 440 वर्ग फुट

इसमें दरवाजे और खिड़की की खुली जगह भी गिनी गई है। एक 3 × 7 फुट का दरवाजा और एक 4 × 3 फुट की खिड़की घटाने पर:

440 − 21 − 12 = 407 वर्ग फुट = 37.81153728 वर्ग मीटर

यहाँ 1 वर्ग फुट = 0.09290304 वर्ग मीटर लिया है। पढ़ने की आसानी के लिए क्षेत्रफल लगभग 37.812 वर्ग मीटर लिख सकते हैं; आगे के हिसाब में पूरे दशमलव रखने से गोलाई का फर्क कम रहेगा। कमरे की छत का 120 वर्ग फुट और दीवारों की बाहर वाली सतह इस उदाहरण में शामिल नहीं हैं। बिल के लिए माप कैसे लिया जाएगा, यह ठेकेदार से अलग तय कर लें। सामग्री का हिसाब उन सतहों पर बने जिन्हें सच में प्लास्टर करना है।

दरवाजे-खिड़की के किनारों का माप भी ध्यान में रखें। दरवाजे के दोनों बाजू और ऊपर की भीतर मुड़ती पट्टियों पर प्लास्टर होना हो, तो उनका क्षेत्रफल जोड़ना होगा। 0.5 फुट गहराई पर, नीचे की चौखट छोड़कर, यह (7 + 7 + 3) × 0.5 = 8.5 वर्ग फुट होगा। खिड़की की चारों तरफ की पट्टियाँ 2 × (4 + 3) × 0.5 = 7 वर्ग फुट और जोड़ेंगी।

इन दोनों का कुल 15.5 वर्ग फुट जोड़ें तो क्षेत्रफल 422.5 वर्ग फुट हो जाएगा। इस फर्क को दिखाने के बाद हम आगे का मुख्य हिसाब 407 वर्ग फुट सीधी दीवार की सतह पर ही रखेंगे।

क्षेत्रफल से सीमेंट और रेत की मात्रा तक पहुँचें

दीवारों का क्षेत्रफल मिल गया। अब प्लास्टर की मोटाई से पता चलेगा कि उन पर कितना मसाला लगेगा। क्षेत्रफल वर्ग मीटर में है, इसलिए 12 मिमी को 0.012 मीटर में बदलकर गुणा करें:

गीला आयतन = 37.81153728 × 0.012 = लगभग 0.453738 घन मीटर

यह दीवार पर लगी गीली परत का आयतन है, मसाला मिलाने के लिए पानी की मात्रा नहीं। इसी क्षेत्रफल पर मोटाई 12 से 15 मिमी करें तो आयतन 15 ÷ 12 = 1.25 गुना, यानी 25% ज्यादा हो जाएगा। इसलिए मोटाई का छोटा फर्क भी सामान की मात्रा बदलता है। दीवार में बड़े उतार-चढ़ाव हों तो उन्हें ठीक करने का काम अलग तय करें। केवल कैलकुलेटर में मोटाई बढ़ाकर उत्पाद की अनुमत सीमा से बाहर की परत न चुनें।

समान क्षेत्रफल पर 12 मिमी और 15 मिमी प्लास्टर की दो बढ़ाकर दिखाई गई परतें।
क्षेत्रफल समान रहे तो 15 मिमी परत, 12 मिमी परत के मुकाबले 15/12 = 1.25 गुना गीला आयतन लेती है। यह मोटाई के असर की तुलना है, सुझाई गई मोटाइयों की सूची नहीं।

अब इस गीले आयतन से सूखे सीमेंट और रेत की मात्रा निकालते हैं। सिर्फ इस उदाहरण के लिए सीमेंट:रेत का अनुपात 1:4 और सूखा आयतन निकालने का गुणक 1.33 मानेंगे। यानी गीले आयतन को 1.33 से गुणा करेंगे। यह हर सामग्री के लिए तय नियम नहीं है; रेत की हालत और इस्तेमाल होने वाली सामग्री से असली खपत बदल सकती है।

सूखी सामग्री का आयतन = 0.453738 × 1.33 = लगभग 0.603472 घन मीटर

1:4 में आयतन के हिसाब से एक हिस्सा सीमेंट और चार हिस्से रेत हैं, यानी कुल पाँच हिस्से। सीमेंट का हिस्सा 0.603472 ÷ 5 = 0.120694 घन मीटर होगा। इसे वजन में बदलने के लिए इस उदाहरण में सीमेंट का ढीला घनत्व 1440 किलो/घन मीटर मानते हैं। इससे वजन 0.120694 × 1440 = लगभग 173.80 किलो निकलता है।

बोरी 50 किलो की है। अब 5% अतिरिक्त मात्रा जोड़कर सीमेंट की जरूरत निकालें:

सीमेंट = 173.80 ÷ 50 × 1.05 = लगभग 3.65 बोरी → खरीद 4 बोरी

रेत के चार हिस्सों में भी वही 5% अतिरिक्त जोड़ें:

रेत = 0.603472 × 4 ÷ 5 × 1.05 = 0.506917 घन मीटर, यानी लगभग 0.507 घन मीटर।

इस तरह दोनों सामग्रियों में 5% सिर्फ एक बार जुड़ा है। सीमेंट को 3.65 से बढ़ाकर 4 पूरी बोरियाँ खरीदना अलग गोलाई है; उसे फिर से नुकसान मानकर अतिरिक्त प्रतिशत न जोड़ें।

मोटाई बदलने पर खरीद में कितना फर्क आएगा?

उसी 407 वर्ग फुट क्षेत्रफल, 1:4 मिश्रण और बाकी मान्यताओं को रखते हुए केवल मोटाई बदलें तो हिसाब इस तरह होगा:

उदाहरण की मोटाई गीला आयतन 5% सहित सीमेंट पूरी बोरियाँ 5% सहित रेत
10 मिमी 0.378 घन मीटर 3.04 बोरी 4 0.422 घन मीटर
12 मिमी 0.454 घन मीटर 3.65 बोरी 4 0.507 घन मीटर
15 मिमी 0.567 घन मीटर 4.56 बोरी 5 0.634 घन मीटर

यह तालिका मोटाई का असर समझाती है; आपके काम के लिए मोटाई चुनने की सिफारिश नहीं है। 10 और 12 मिमी, दोनों में खरीद 4 बोरियों की दिखती है, लेकिन लगने वाला सीमेंट और रेत बराबर नहीं हैं। पूरी बोरी की गिनती देखकर यह फर्क छूट सकता है।

सामान के हिसाब के साथ काम की तैयारी भी देखें

मात्रा निकलने के बाद कारीगर के साथ लगाने की तैयारी पर बात करें। पहले दीवार की हालत जाँची जाए, फिर चुने हुए प्लास्टर के अनुसार सतह तैयार हो। दीवार का लेवल और तैयार सतह कहाँ तक आएगी, यह तय हो। अलग सामग्री के जोड़ और मरम्मत वाली जगहों पर जरूरी उपचार के बाद ही तय विधि और अनुमत मोटाई में प्लास्टर लगे। इसके बाद फिनिश, जहाँ जरूरी हो वहाँ तराई, सतह की सुरक्षा और सूखने का समय आता है। तराई यानी लगाए हुए प्लास्टर को निर्देश के अनुसार नम रखना।

सीमेंट-रेत, जिप्सम और तैयार मिश्रण की तराई की विधि या अवधि एक जैसी नहीं होती। खरीदे हुए उत्पाद के निर्देश लें और पेंट की टीम बुलाने से पहले तैयारी तथा सूखने के लिए जरूरी समय रखें। सिर्फ हाथ फेरने पर दीवार चिकनी लगना अगली परत के लिए तैयार होने का प्रमाण नहीं है।

काम की जाँच कारीगर के साथ करें: दीवार का समतलपन, कोने, जोड़, दरारें और खोखली लगने वाली जगहें देखें। नमी या दीवार में हलचल की वजह हो तो पहले उसका समाधान चाहिए। ऊपर की सजावटी परत उस कारण को दूर नहीं करेगी।

अब इन्हीं मात्राओं पर खर्च जोड़ें

सामग्री और काम की सीमा साफ हो जाए तो खर्च निकालना आसान है। केवल हिसाब समझाने के लिए सीमेंट ₹420/बोरी, रेत ₹1800/घन मीटर, मजदूरी ₹20/वर्ग फुट और औजार-ढुलाई के लिए ₹900 मान लें। रेत की निकली मात्रा लगभग 0.507 घन मीटर थी; इस खर्च के हिसाब में उसे गोल करके 0.51 घन मीटर लिया है।

4 × ₹420 + 0.51 × ₹1800 + 407 × ₹20 + ₹900 = ₹11,638

ये उदाहरण के भाव हैं, मौजूदा बाजार की दरें नहीं। अपने खर्च के लिए लिखित स्थानीय भाव लें। इस रकम में बड़ी मरम्मत, मचान, विशेष सामग्री, कर और बाद की पुट्टी-पेंट का काम शामिल नहीं है। सतह की तैयारी, जहाँ जरूरी हो वहाँ तराई, सुरक्षा, सूखने के दौरान देखभाल और सफाई मजदूरी में शामिल हैं या अलग—यह भी लिखवा लें।

अपने कमरे का माप लेकर प्लास्टर कैलकुलेटर में क्षेत्रफल, तय मोटाई और मिश्रण के आधार पर मात्रा जाँचें। पुट्टी और पेंट का हिसाब अलग करें। सामान मँगाने से पहले यही माप और काम का विवरण ठेकेदार से मिला लें, ताकि आपकी खरीद की सूची और उसके बिल में एक ही काम गिना जा रहा हो।